श्रीडूंगरगढ़ टुडे 25 मार्च 2026
रामनवमी की पूर्व संध्या पर श्रीडूंगरगढ़ में विराट धर्मयात्रा का निकाली गई। संतो की सानिध्य में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे कस्बे में “जय श्रीराम” के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी और हर ओर भगवा ध्वज लहराते नजर आए।

धर्म यात्रा गणेश वदंना व शिव पार्वती नृत्य प्रस्तुति से समारोह प्रारंभ हुआ। यात्रा ताल मैदान से रानी बाजार, घास मंडी रोड, पुस्तकालय चौराहा, स्टेशन रोड, घुमचक्कर होते हुए सिंधी कॉलोनी में स्थित शहीद हेमू कालानी पार्क पहुंच कर संपन्न हुई। विश्व हिंदू परिषद के बैनर तले आयोजित भव्य धर्मयात्रा आयोजन में बजरंग दल, मातृशक्ति, दुर्गावाहिनी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और युवा शामिल हुए। समारोह स्थल पर कीर्तन के साथ धार्मिक नृत्यों की प्रस्तुतियां दी गई।

धर्मयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने केसरिया साफा पहनकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों और युवाओं ने हाथों में धर्म पताका लेकर जयकारे लगाए। यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। नगर के विभिन्न समाजों, व्यापारिक संगठनों और नागरिकों ने एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाया।

भजन सम्राट विकासनाथ जी महाराज ने देशभक्ति को पूज्य भाव बताते हुए सनातन में आस्था रखने की प्रेरणा दी। स्वामी जनार्दनाचार्य जी महाराज ने राजस्थान को वीरों की धरती बताते हुए स्वधर्म को श्रेष्ठ धर्म बताया। कथावाचक संतोष सागर जी ने हर जन्म में भारत में जन्म देने की प्रार्थना ईश्वर से करते हुए सनातन को श्रेष्ठ बताया। मंच पर संतों के साथ विहिप जिलाध्यक्ष जगदीश स्वामी, संरक्षक भंवरलाल दुगड़, समाजसेवी जुगलकिशोर तावणियां, रीडी के सत्यनारायण सारस्वत भी उपस्थित रहें। सभी संतों व अतिथियों का शॉल, साफा, दुपट्टा व स्मरण पत्र देकर सम्मान किया गया। रैली में विधायक ताराचंद सारस्वत, पालिकाध्यक्ष मानमल शर्मा, भाजपा नेता विनोद गिरी गुसाईं, शिव स्वामी सहित अनेक भाजपा नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए।

धर्मयात्रा में शिव पार्वती झांकी, आदियोगी शिव प्रतिमा, हनुमान प्रतिमा, विभिन्न देवी देवताओं की झांकियों सहित विभिन्न आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जिनमें पौराणिक स्वरूपों ने सभी का मन मोह लिया। 13 फीट ऊंची हनुमानजी की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वहीं अघोरी नृत्य आर्यस्थली गुरूकुलम बेनीसर की झांकी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। गुरूकुल के बच्चों ने हवन करने की पुरातन पद्धति, नियुद्ध प्रदर्शन, आग के बीच में पत्थर तोड़ने का प्रदर्शन, संघ सदस्यों ने लाठी प्रदर्शन भी किया। बाजार में जगह जगह स्वागत द्वार सजाए गए। जगह जगह पुष्पवर्षा की गई। लोगों ने पानी, ज्यूस, छाछ की व्यवस्थाएं की।

सांप्रदायिक सौहार्द की दिखी मिसाल
धर्मयात्रा के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। मुस्लिम समुदाय द्वारा डॉ एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर ट्रस्ट के बैनर तले शीतल पेय पिलाकर और पुष्पवर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया।

व्यवस्थाएं रही चाक-चौबंद, जगह-जगह जलपान की सुविधा
यात्रा मार्ग में जगह-जगह पेयजल और शीतल पेय की व्यवस्था की गई थी, जिससे लंबी दूरी तय करने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा। प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।















