श्री डूंगरगढ़ टूडे 17 अगस्त 2025
कैंसर एक जानलेवा बीमारी है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। हालांकि युवाओं में कैंसर (Cancer in Young Adults) ज्यादा कॉमन नहीं है। लेकिन कुछ ऐसे कैंसर है जो 30-40 की उम्र के व्यक्तियों को भी अपनी चपेट में ले सकते हैं। इन कैंसर के लक्षणों के बारे में पता होना जरूरी है ताकि इसका जल्दी इलाज करवाया जा सके।
HighLights
- युवाओं में कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं
- कैंसर का जल्दी पता लगाने से इलाज सफल बनाने में मदद मिलती है
- कुछ तरह के कैंसर युवाओं को अपनी चपेट में ज्यादा लेते हैं
कैंसर के मामले आजकल काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। यह एक ऐसी बीमारी है, जो युवाओं में बुजुर्गों की तुलना में कम होती है। हालांकि, आजकल युवाओं में भी इसके कई मामले (Cancer in Young Adults) देखने को मिल जाते हैं। कुछ कैंसर ऐसे हैं, जिनका रिस्क 30-40 की उम्र के बीच ज्यादा होता है। आइए जानें 5 ऐसे कैंसर (Common Cancer in 30s) के बारे में जो 30-40 उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले सकते हैं। इन कैंसर के खिलाफ सतर्कता बढ़ाकर इसके इलाज और बचाव को बेहतर बनाया जा सकता है।
ब्रेस्ट कैंसर
ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर में से एक है और यह 30 की उम्र में भी हो सकता है। इसके लक्षणों में ब्रेस्ट में गांठ, त्वचा में बदलाव, निप्पल से डिस्चार्ज या दर्द शामिल हो सकते हैं।
रिस्क फैक्टर्स-
- जेनेटिक कारण (BRCA1 और BRCA2 जीन म्यूटेशन)
- हार्मोनल इंबैलेंस
- मोटापा और अनहेल्दी लाइफस्टाइल
नियमित सेल्फ-एग्जामिनेशन और मैमोग्राफी की मदद से इसका पता लगाया जा सकता है। अगर परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर रहा हो, तो अपने डॉक्टर से मिलकर इस बारे में बात करें।
लिंफोमा
लिंफोमा लिंफैटिक सिस्टम का कैंसर है, जो नॉन-हॉजकिन और हॉजकिन लिंफोमा दो तरह का होता है। युवाओं में यह कैंसर तेजी से बढ़ रहा है।
लक्षण-
- गर्दन, बगल या ग्रोइन में सूजन
- बुखार, वजन घटना और रात को पसीना आना
कारण- इम्यून सिस्टम कमजोर होना, वायरल इन्फेक्शन और जेनेटिक कारण।
मेलेनोमा
मेलेनोमा स्किन कैंसर का एक खतरनाक प्रकार है, जो 30 की उम्र में भी हो सकता है। यह त्वचा के मेलानोसाइट्स में शुरू होता है।
लक्षण-
- तिल का आकार, रंग या बनावट बदलना
- नया या असामान्य तिल दिखाई देना
सनस्क्रीन का इस्तेमाल, धूप से बचाव और नियमित सेल्फ एग्जामिनेशन से इससे बचाव किया जा सकता है।
सारकोमा
सारकोमा हड्डियों और सॉफ्ट टिश्यूज में होने वाला कैंसर है, लेकिन युवाओं में इसका खतरा रहता है। यह दो प्रकार का होता है- ऑस्टियोसारकोमा (हड्डी का कैंसर) और सॉफ्ट टिश्यू सारकोमा।
- लक्षण- दर्द, सूजन या शरीर में गांठ महसूस होना।
सर्वाइकल और ओवरी कैंसर
महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर और ओवेरियन कैंसर 30 की उम्र के बाद आम हो सकते हैं।
- सर्वाइकल कैंसर के कारण- HPV इन्फेक्शन, स्मोकिंग, कमजोर इम्युनिटी।
- ओवेरियन कैंसर के लक्षण- पेट दर्द, बार-बार पेशाब आना, वजन घटना।
इनेसे बचाव के लिए HPV वैक्सीन और पैप स्मीयर टेस्ट करवाना जरूरी है।
30 की उम्र में कैंसर का खतरा कम होता है, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि यह नहीं होगा। हेल्थ लाइफस्टाइल, नियमित टेस्ट और लक्षणों को नजरअंदाज न करना ही बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। अगर कोई भी असामान्य लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।










