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21 अगस्त 2025, गुरुवार आज का पंचांग व राशिफल साथ जानें रोजाना और भी नई कुछ खास बातें पंडित नरेश सारस्वत रीड़ी के साथ

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श्रीडूंगरगढ़ टुडे 21 अगस्त 2025

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।

🙏जय श्री गणेशाय नमः🙏

🙏जय श्री कृष्णा🙏

🕉️आज का  पंचांग-21.08.2025🕉️

️दैनिक गोचर राशिफल सहित
🕉️ शुभ गुरुवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)


आज विशेष

जाने, वास्तु देवता की उत्पत्ति कैसे हुई, कैसा है उनका स्वरूप और क्या है उनका मूल मन्त्र…?


दैनिक पंचांग विवरण


आज दिनांक………………….21.08.2025
कलियुग संवत्…………………………5127
विक्रम संवत्…………………………. 2082
शक संवत्……………………………..1947
संवत्सर…………………………. श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………………..दक्षिण
गोल………………………. …………… उत्तर
ऋतु…………………………………….. वर्षा
मास…………………………………. भाद्रपद
पक्ष…………………………………….. कृष्ण
तिथि..त्रयोदशी.अपरा 12.45 तक / चतुर्दशी
वार…………………………………… गुरुवार
नक्षत्र…. पुष्य. रात्रि. 12.09* तक / अश्लेषा
चंद्रराशि……….कर्क. संपूर्ण (संपूर्ण अहोरात्र)
योग..व्यतिपात्. अपरा. 4.13 तक / वरीयान करण…………. वणिज. अपरा. 12.45 तक
करण…. .विष्टि. रात्रि. 12.18* तक / शकुनि


नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।


विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट

दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट


सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची


सूर्योदय…………………..प्रातः 6.08.43 पर
सूर्यास्त…………………..सायं. 6.59.58 पर
दिनमान-घं.मि.से……………….. 12.51.14
रात्रिमान………………………….11.09.10
चंद्रास्त………………….. 5.57.47 PM पर
चंद्रोदय……………….. .. 4.58.15 AM पर
राहुकाल….अप. 2.11 से 3.47 तक(अशुभ)
यमघंट……प्रातः 6.09 से 7.45 तक(अशुभ)
गुलिक.. प्रातः 9.22 से 10.58 (शुभे त्याज्य)
अभिजित……. .मध्या.12.09 से 1.00(शुभ)
पंचक…………………………… आज नहीं है।
हवन मुहूर्त……………………… आज नहीं है।
दिशाशूल………………………. दक्षिण दिशा
दोष परिहार…… दही का सेवन कर यात्रा करें


🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄


अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता


ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।


प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।


गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।


🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄


भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें।


सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट


लग्न ……………..सिंह 3°41′ मघा 2 मी
सूर्य …………………सिंह4°1′ मघा 2 मी
चन्द्र ………………कर्क 6°34′ पुष्य 1 हु
बुध …………….कर्क 15°35′ पुष्य 4 ड
शुक्र ………….कर्क 0°15′ पुनर्वसु 4 ही
मंगल …………कन्या 14°39′ हस्त 2 ष
बृहस्पति ….मिथुन 21°36′ पुनर्वसु 1 के
शनि * …..मीन 6°36′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
राहू * ……कुम्भ 25°4′ पूर्वभाद्रपद 2 सो
केतु * ….. सिंह 25°4′ पूर्व फाल्गुनी 4 टू



✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️


शुभ………………प्रातः 6.09 से 7.45 तक
चंचल…………पूर्वा. 10.58 से 12.34 तक
लाभ………….अपरा. 12.34 से 2.11 तक
अमृत…………..अपरा. 2.11 से 3.47 तक
शुभ………………सायं. 5.24 से 6.59 तक


✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️


अमृत…….. सायं-रात्रि. 6.59 से 8.24 तक
चंचल…………… रात्रि. 8.24 से 9.47 तक
लाभ..रात्रि. 12.35 AM से 1.58 AM तक
शुभ…..रात्रि. 3.22 AM से 4.46 AM तक
अमृत………. रात्रि.4.46 से 6.09 AM तक


(विशेष – 4 शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )


🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞

शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.


दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण

संदर्भ विशेष –यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये

आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार राशिगत् नामाक्षर..


समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर


06.19 AM तक—–पुष्य—1———हू
12.14 PM तक—–पुष्य—2———हे
06.10 PM तक—–पुष्य—3———हो
12.09 AM तक—–पुष्य—4———डा उपरांत रात्रि तक–अश्लेषा—1——–डी

राशि कर्क – पाया चांदी


आज का दिन


व्रत विशेष…………………. मास शिवरात्रि
अन्य व्रत…………………………… नहीं है।
पर्व विशेष………………………….. नहीं है।
दिन विशेष……………….चातुर्मास जारी है।
दिन विशेष…….विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस
पंचक………………………….आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)…अप.12.45 से रात्रि.12.18*
खगोलीय………..वर्तमान सूर्य नक्षत्र (मघा)
नक्षत्र वाहन…………….. मंडूक.वर्षा (श्रेष्ठ)
खगोलीय.अश्लेषायां बुध.रात्रि. 4.20* तक
सर्वा.सि.योग………………….आज नहीं है।
गुरु पुष्य योग…..उदयात् रात्रि. 2.06* तक
अमृ.सि.योग……उदयात् रात्रि. 2.06* तक सिद्ध रवियोग………………… आज नहीं है।


अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी


आज दिनांक……………….22.08.2025
तिथि……..भाद्रपद कृष्णा चतुर्दशी शुक्रवार
व्रत विशेष………………………….. नहीं है।
अन्य व्रत……………………………. नहीं है।
पर्व विशेष………………………….. नहीं है।
दिन विशेष………………. चातुर्मास जारी है।
दिन विशेष………………… पितृ अमावस्या
दिन विशेष… शरद् ऋतु प्रारंभ. रात्रि 2.04*
पंचक………………………… आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)………………….. .आज नहीं है।
खगोलीय……….. वर्तमान सूर्य नक्षत्र (मघा)
नक्षत्र वाहन………………मंडूक.वर्षा (श्रेष्ठ)
खगोलीय…. कन्यायां भानु. रात्रि. 2.04*पर
सर्वा.सि.योग…………………. आज नहीं है। अमृ.सि.योग……………………आज नहीं है।

सिद्ध रवियोग………………… आज नहीं है।


✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️

💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥


जाने, वास्तु देवता की उत्पत्ति कैसे हुई, कैसा है उनका स्वरूप और क्या है उनका मूल मन्त्र ?

वास्तुदेवता की पूजा के लिए वास्तु की प्रतिमा तथा वास्तुचक्र बनाया जाता है । वास्तुचक्र अनेक प्रकार के होते हैं । अलग-अलग अवसरों पर भिन्न-भिन्न पद के वास्तुचक्र बनाने का विधान है । वास्तु कलश में वास्तुदेवता (वास्तोष्पति) की पूजा कर उनसे सब प्रकार की शान्ति व कल्याण की प्रार्थना की जाती है।

जिस भूमि पर मनुष्य या प्राणी निवास करते हैं, उसे वास्तु कहा जाता है । शुभ वास्तु के रहने से वहां के निवासियों को सुख-सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है और अशुभ वास्तु में निवास करने से हानिकारक परिणाम मिलते हैं।

वास्तु देवता कौन हैं ?

मत्स्यपुराण के अनुसार प्राचीनकाल में अन्धकासुर के वध के समय भगवान शंकर के ललाट से पृथ्वी पर जो स्वेदबिन्दु (पसीने की बूंदें) गिरे उनसे एक भयंकर आकृति वाला पुरुष प्रकट हुआ जो विकराल मुंह फैलाये हुए था । अन्धकासुर के गणों का रक्तपान करने पर भी जब उसे तृप्ति नहीं हुई तो भूख से व्याकुल होकर वह त्रिलोकी का भक्षण करने को उद्यत हो गया । तब भगवान शंकर आदि देवताओं ने उसे पृथ्वी पर सुलाकर वास्तु देवता (वास्तुपुरुष) के रूप में प्रतिष्ठित किया और उसके शरीर में सभी देवताओं ने वास किया इसलिए वह वास्तु देवता या वास्तुपुरुष के नाम से प्रसिद्ध हो गया ।

देवताओं ने उसे गृह निर्माण, वैश्वदेव बलि के और पूजन-यज्ञ के समय पूजित होने का वर दिया । देवताओं ने उसे वरदान दिया कि तुम्हारी सब मनुष्य पूजा करेंगे । तालाब, कुएं और वापी खोदने, गृह व मन्दिर के निर्माण व जीर्णोद्धार में, नगर बसाने में, यज्ञ-मण्डप के निर्माण व यज्ञ आदि के समय वास्तुदेवता की पूजा का विधान है ।

वास्तु देवता का स्वरूप (ध्यान)!!!!!!!

श्वेतं चतुर्भुजं शान्तं कुण्डलाद्यैरलंकृतम् ।
पुस्तकं चाक्षमालां च वराभयकरं परम् ।।
पितृवैश्वानरोपेतं कुटिलभ्रूपशोभितम् ।
करालवदनं चैव आजानुकरलम्बितम् ।। (मध्यमपर्व २।११।११-१२)

अर्थात्—वास्तुगेवता श्वेत वर्ण के, चार भुजा वाले, शान्तस्वरूप, और कुण्डलों से सुशोभित हैं । हाथ में पुस्तक, अक्षमाला, वरद और अभय की मुद्रा धारण किये हुए हैं । पितरों और वैश्वानर से युक्त हैं तथा उनकी भौंहें कुटिल (तिरछी) हैं । उनका मुख भयंकर है । हाथ घुटनों तक लम्बे हैं ।

वास्तु देवता की पूजा के लिए वास्तु की प्रतिमा तथा वास्तुचक्रबनाया जाता है । वास्तुचक्र अनेक प्रकार के होते हैं । अलग-अलग अवसरों पर भिन्न-भिन्न पद के वास्तुचक्र बनाने का विधान है ।

वास्तु कलश में वास्तु देवता (वास्तोष्पति) की पूजा कर उनसे सब प्रकार की शान्ति व कल्याण की प्रार्थना की जाती है ।

वास्तुदेवता का मूल मन्त्र!!!!!!!!

ऋग्वेद (७।५४।१) में वास्तुदेवता का मूल मन्त्र इस प्रकार है—

वास्तोष्पते प्रति जानीह्यस्मान् त्स्वावेशो अनमीवो भवान: ।
यत् त्वेमहे प्रति तन्नो जुषस्व शं नो भव द्विपदे शं चतुष्पदे ।।

अर्थात्—हे वास्तुदेव ! हम आपके सच्चे उपासक हैं , इस पर पूर्ण विश्वास करें और तदनन्तर हमारी स्तुति-प्रार्थनाओं को सुनकर आप हम सभी उपासकों को आधि-व्याधि मुक्त कर दें और जो हम अपने धन-ऐश्वर्य की कामना करते हैं, आप उसे भी परिपूर्ण कर दें, साथ ही इस वास्तुक्षेत्र या गृह में निवास करने वाले हमारे स्त्री-पुत्रादि परिवार-परिजनों के लिए कल्याणकारक हों तथा हमारे अधीनस्थ गौ, घोड़े, सभी चौपायों (वाले प्राणियों) का भी कल्याण करें ।

किस दिशा के कौन हैं देवता…

हवा के चलने को आज भी भारत में उसे उसी दिशा का नाम दे दिया जाता है जैसे- पूर्व से चलने वाली हवा को पुरवाई इसी प्रकार अन्य दिशाओं में चलने वाली हवाओं का नाम होता है। प्रत्येक मानव जब भी चलता है किसी न किसी दिशा में ही चलता है बिना दिशा वह कभी चल ही नहीं सकता या तो वह सही दिशा में जाएगा या गलत दिशा में, गलत दिशा में चलने वाले को दिशाहीन, पथ भ्रष्ट की संज्ञा दी जाती है। फिलहाल हम बात कर रहे हैं वास्तु की दिशा और उनके देवताओं की….

उत्तर दिशा के देवता कुबेर हैं जिन्हें धन का स्वामी कहा जाता है और सोम को स्वास्थ्य का स्वामी कहा जाता है। जिससे आर्थिक मामले और वैवाहिक व यौन संबंध तथा स्वास्थ्य प्रभावित होता है।

उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) के देवता सूर्य हैं जिन्हें रोशनी और ऊर्जा तथा प्राण शक्ति का मालिक कहा जाता हैं। इससे जागरूकता और बुद्धि तथा ज्ञान मामले प्रभावित होते हैं।

पूर्व दिशा के देवता इंद्र हैं जिन्हें देवराज कहा जाता है। वैसे आम तौर पर सूर्य ही को इस दिशा का स्वामी माना जाता जो प्रत्यक्ष रूप से सम्पूर्ण विश्व को रोशनी और ऊर्जा दे रहे हैं। लेकिन वास्तुनुसार इसका प्रतिनिधित्व देवराज करते हैं। जिससे सुख-संतोष तथा आत्मविश्वास प्रभावित होता है।

दक्षिण-पूर्व (अग्नेय कोण) के देवता अग्नि देव हैं जो अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। जिससे पाचन शक्ति तथा धन और स्वास्थ्य मामले प्रभावित होते हैं।

दक्षिण दिशा के देवता यमराज हैं जो मृत्यु देने के कार्य को अंजाम देते हैं। जिन्हें धर्मराज भी कहा जाता है। इनकी प्रसन्नता से धन, सफलता, खुशियाँ व शांति प्राप्ति होती है।

दक्षिण-पश्चिम दिशा के देवता निरती हैं जिन्हे दैत्यों का स्वामी कहा जाता है। जिससे आत्मशुद्धता और रिश्तों में सहयोग तथा मजबूती एव आयु प्रभावित होती है।

पश्चिम दिशा के देवता वरूण देव हैं जिन्हें जलतत्व का स्वामी कहा जाता है। जो अखिल विश्व में वर्षा करने और रोकने का कार्य संचालित करते हैं। जिससे सौभाग्य, समृद्धि एवं पारिवारिक ऐश्वर्य तथा संतान प्रभावित होती है।

उत्तर-पश्चिम के देवता पवन देव है। जो हवा के स्वामी हैं। जिससे सम्पूर्ण विश्व में वायु तत्व संचालित होता है। यह दिशा विवेक और जिम्मेदारी योग्यता, योजनाओं एवं बच्चों को प्रभावित करती है।

इस प्रकार यह ज्ञात होता है कि वास्तु शास्त्र में जो दिशा निर्धारण किया गया है वह प्रत्येक पंच तत्वों के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। जिन पंच तत्वों का यह मानव का पुतला बना हुआ है अगर वह दिशाओं के अनुकूल रहे तो यह दिशाएं आपको रंक से राजा बना जीवन में रस रंग भर देती हैं।


✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️


मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज आप ज़रूरत से ज़्यादा खाने से बचें और सेहतमंद रहने के लिए नियमित व्यायाम करें। आज का दिन ऐसी चीज़ों को ख़रीदने के लिए बढ़िया है, जिनकी क़ीमत आगे चलकर बढ़ सकती है। आपके जीवन-साथी की सेहत तनाव और चिंता का कारण बन सकती है। प्यार का बुख़ार आपके सर पर चढ़ने के लिए तैयार है। इसका अनुभव कीजिए। आपका दिमाग़ काम-काज की उलझनों में फँसा रहेगा, जिसके चलते आप परिवार और दोस्तों के लिए समय नहीं निकाल पाएंगे। अपने काम से आराम लेकर आज आप कुछ समय अपने जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैं।

वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज ज़िंदगी की ओर उदास नज़रिया रखने से बचें। कोई बेहतरीन नया विचार आपको आर्थिक तौर पर फ़ायदा दिलायेगा। पढ़ाई-लिखाई में कम रुचि के चलते बच्चे आपको थोड़ा निराश कर सकते हैं। रोमांटिक मुलाक़ात आपकी ख़ुशी में तड़के का काम करेगी। अगर आप सही लोगों को अपनी क्षमताएँ और प्रतिभा दिखाएंगे, तो जल्दी ही लोगों की निगाहों में आपकी नयी और बेहतर छवि होगी। दीर्घावधि में कामकाज के सिलसिले में की गयी यात्रा फ़ायदेमंद साबित होगी। जो यह समझते हैं कि शादी सिर्फ़ रस्म के लिए होती है, वे ग़लत हैं। क्योंकि आज आपको सच्चे प्यार का एहसास होगा।

मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज आपके लिए मौज-मस्ती और मनपसंद काम करने का दिन है। अटके हुए मामले और घने होंगे व ख़र्चे आपके दिमाग़ पर छा जाएंगे। एक ख़ुशनुमा और बढ़िया शाम के लिए आपका घर मेहमानों से भर सकता है। आपका प्यार न सिर्फ़ परवान चढ़ेगा, बल्कि नई ऊँचाइयों को भी छूएगा। दिन की शुरुआत प्रिय की मुस्कान से होगी और रात उसके सपनों में ढलेगी। नए ग्राहकों से बात करने के लिए बेहतरीन दिन है। आप जिस प्रतियोगिता में भी क़दम रखेंगे, आपका प्रतिस्पर्धी स्वभाव आपको जीत दिलाने में सहयोग देगा। आपका जीवनसाथी अन्य दिनों की अपेक्षा आपका ज़्यादा ख़्याल रखेगा।

कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज का दिन फ़ायदेमन्द साबित होगा और आप किसी पुरानी बीमारी में काफ़ी आराम महसूस करेंगे। आज यार दोस्तों के साथ पार्टी में आप खूब पैसे लुटा सकते हैं लेकिन इसके बावजूद भी आपका आर्थिक पक्ष आज मजबूत रहेगा। दोस्तों और परिवार के साथ मज़ेदार समय बीतेगा। आपका प्रिय आपको ख़ुश रखने के लिए कुछ ख़ास करेगा। इस राशि के कारोबारी आज किसी करीबी की गलत सलाह के कारण परेशानी में आ सकते हैं। जॉब करने वाले जातकों को आज कार्यक्षेत्र में सोच-समझकर चलने की जरुरत है। लोगों के साथ बात करने में आज आप अपना बहुमूल्य समय बर्बाद कर सकते हैं। आपको ऐसा करने से बचना चाहिए। आपका जीवनसाथी आपकी बहुत तारीफ़ करेगा और आपको बहुत देगा।

सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज का दिन मौज-मस्ती और आनन्द से भरा रहेगा- क्योंकि आप ज़िन्दगी को पूरी तरह जिएंगे। माता-पिता की मदद से आप आर्थिक तंगी से बाहर निकलने में क़ामयाब रहेंगे। आपका मज़ाकिया स्वभाव सामाजिक मेल-जोल की जगहों पर आपकी लोकप्रियता में इज़ाफ़ा करेगा। कार्यक्षेत्र में किसी विशेष व्यक्ति से आपकी मुलाक़ात हो सकती है। दिन की शुरुआत भले ही थोड़ी थकाऊ रहे लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा आपको अच्छे फल मिलने लगेंगे। दिन के अंत में आपको अपने लिए समय मिल पाएगा और आप किसी करीबी से मुलाकात करके इस समय का सदुपयोग कर सकते हैं। आपका अपने जीवनसाथी के साथ तनावपूर्ण संबंध रह सकता है। जहां तक सम्भव हो बात को बढ़ने न दें।

कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज आप ज़िंदगी का भरपूर आनंद उठाने के लिए अपनी महत्वाकांक्षाओं को क़ाबू में रखें। योग का सहारा लें, जो आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक तौर पर स्वस्थ रखकर दिल और दिमाग़ को बेहतर बनाता है। कुछ ख़रीदने से पहले उन चीज़ों का इस्तेमाल करें, जो पहले से आपके पास हैं। जब आप समूह में हों तो ध्यान रखें कि आप क्या कह रहे हैं, बिना ज़्यादा समझे-बूझे अचानक कहे गए शब्दों के चलते आप कड़ी आलोचना के शिकार हो सकते हैं। बीते दिनों की मीठी यादें आपको व्यस्त रखेंगी। आपके कठिन परिश्रम को पुरस्कार मिलेगा, क्योंकि आपकी पदोन्नति हो सकती है। आर्थिक लाभ के बारे में न सोचें, क्योंकि आगे चलकर आपको इससे बहुत फ़ायदा होगा। आज आप सब कामों को छोड़कर उन कामों को करना पसंद करेंगे जिन्हें आप बचपन के दिनों में करना पसंद करते थे। आपका जीवनसाथी हाल में हुई खटपट को भुलाकर अपने अच्छे स्वभाव का परिचय देगा।

तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज आपका सकारात्मक रुख़ आपके आसपास के लोगों को प्रभावित करेगा। पैसों की कमी आज घर में कलह की वजह बन सकती है, ऐसी स्थिति में अपने घर के लोगों से सोच-समझकर बात करें और उनसे सलाह लें। माता-पिता के साथ अपनी ख़ुशियाँ साझा करें। उन्हें महसूस करने दें कि आपके लिए उनकी कितनी अहमियत है, इससे उनका अकेलेपन का एहसास अपने आप ख़त्म हो जाएगा। हमारी ज़िंदगी का क्या फ़ायदा, अगर हम एक-दूसरे का जीवन आसान न बना सकें। आज आप ख़ुद को अपने प्रिय के प्यार से सराबोर महसूस करेंगे। इस लिहाज़ से आज का दिन बहुत ख़ूबसूरत रहेगा। कार्यक्षेत्र में परिस्थितियाँ आपके पक्ष में लगती हैं। यात्रा के मौक़ों को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। विवाह एक दैवीय आशीर्वाद है और आज आप इसका अनुभव कर सकते हैं।

वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज के दिन कामकाम में आपकी तेज़ी लम्बे समय से चली आ रही समस्या का समाधान कर देगी। जिन लोगों ने कहीं निवेश किया था आज के दिन आपको आर्थिक हानि होने की संभावना है। बच्चे और परिवार दिन का केंद्र-बिंदु रहेंगे। कुछ लोगों के लिए नया रोमांच ताज़गी लाएगा और आपको ख़ुशमिज़ाज रखेगा। जिस पहचान और पुरस्कार की उम्मीद आप कर रहे थे, वह बाद के लिए टल सकती है और आपको हताशा का सामना करना पड सकता है। इस राशि के लोगोंं को आज शराब सिगरेट से दूर रहने की जरुरत है क्योंकि इससे आपका कीमती समय बर्बाद हो सकता है। जब आपका जीवनसाथी जब सारे मनमुटाव भुलाकर प्यार के साथ आपके पास फिर आएगा, तो जीवन और भी सुन्दर लगेगा।

धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज का रचनात्मक काम आपको सुक़ून देगा। घर की जरुरतों को देखते हुए आज आप अपने जीवनसाथी के साथ कोई कीमती सामान खरीद सकते हैं जिससे आर्थिक हालात थोड़े तंग हो सकते हैं। आपको बच्चों के साथ कुछ समय बिताने, उन्हें अच्छे संस्कार देने और उनकी ज़िम्मेदारी समझाने की ज़रूरत है। आपकी थकी और उदास ज़िन्दगी आपके जीवन-साथी को तनाव दे सकती है। किसी लघु या मध्यावधि पाठ्यक्रम में दाखिला लेकर अपनी तकनीकी क्षमताओं में निखार लाएँ। आज आप सारे रिश्तों और रिश्तेदारों से दूर होकर अपना दिन किसी ऐसी जगह पर बिताना पसंद करेंगे जहां जाकर आपको शांति प्राप्त होती है। ख़राब मिज़ाज के चलते आप महसूस कर सकते हैं कि आपका जीवनसाथी आपको बेवजह तंग कर रहा है।

मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज कुछ आउटडोर गतिविधियां काफ़ी थकावटी और तनाव देने वाली साबित होंगी। किसी करीबी रिश्तेदार की मदद से आज आप अपने करोबार में अच्छा कर सकते हैं जिससे आपको आर्थिक लाभ भी होगा। बच्चे आपके दिन को बहुत मुश्किल बना सकते हैं। प्यार-दुलार के हथियार का इस्तेमाल कर उन्हें समझाएँ और अनचाहे तनाव से बचें। याद रखें कि प्यार ही प्यार को पैदा करता है। प्रेम का आह्लाद महसूस करने के लिए आप किसी नए व्यक्ति से मिल सकते हैं। संतोषजनक परिणाम पाने के लिए काम को योजनाबद्ध तरीक़े से करें, दफ़्तर की परेशानियों को हल करने में आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। जीवन की पेचीदिगियों को समझने के लिए आज घर के किसी वरिष्ठ शख्स के साथ आप वक्त गुजार सकते हैं। आप एक बेहतरीन जीवनसाथी होने की ख़ुशक़िस्मती को मन से महसूस कर पाएंगे।

कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज आप नफ़रत को दूर करने के लिए संवेदना का स्वभाव अपनाएँ, क्योंकि नफ़रत की आग बहुत ज़्यादा ताक़तवर है और मन के साथ शरीर पर भी बुरा असर डालती है। याद रखें कि बुराई अच्छाई से ज़्यादा आकर्षक ज़रूर दिखाई देती है, लेकिन उसका असर ख़राब ही होता है। जिन लोगों ने अपना पैसा सट्टेबाजी में लगा रखा था आज उन्हें नुक्सान होने की संभावना है। सट्टेबाजी से दूर रहने की आपको सलाह दी जाती है। पारिवारिक तनावों को अपनी एकाग्रता भंग न करने दें। बुरा दौर ज़्यादा सिखाता है। उदासी के भंवर में ख़ुद को खोकर वक़्त बर्बाद करने से बेहतर है कि ज़िंदगी के सबक़ को जानने और सीखने की कोशिश की जाए। आपका महबूब आज आपको बड़ी ख़ूबसूरती से कुछ ख़ास करके चौंका सकता है। आज आप अतिरिक्त ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर ले सकते हैं, जो आपके लिए ज़्यादा आय और प्रतिष्ठा का सबब साबित होगी। खाली समय का सदुपयोग होना चाहिए लेकिन आप आज आप इस समय का दुरुपयोग करेंगे और इस वजह से आपका मूड भी खराब होगा। शादी के बाद वैवाहिक जीवन में प्यार सुनने में मुश्किल ज़रूर लगता है, लेकिन आप आज महसूस करेंगे कि यह मुमकिन है।

मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आप ख़ुद को ऊर्जा से सराबोर महसूस करेंगे- लेकिन काम का बोझ आपमें खीज पैदा करेगा। दीर्घावधि मुनाफ़े के नज़रिए से स्टॉक और म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करना फ़ायदेमंद रहेगा। अपने क़रीबी लोगों के सामने ऐसी बातें उठाने से बचें, जो उन्हें उदास कर सकती हैं। आप साथ में कहीं घूमने-फिरने जाकर अपने प्रेम-जीवन में नयी ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। किसी भी ख़र्चीले काम या योजना में हाथ डालने से पहले ठीक तरह से सोच-विचार कर लें। आज काफ़ी दिगाग़ी कसरत मुमकिन है। आपमें से कुछ शतरंज खेल सकते हैं, वर्ग-पहेली हल कर सकते हैं, कोई कविता-कहानी लिख सकते हैं या भविष्य की योजनाओं पर गहराई से सोच सकते हैं। आपका जीवनसाथी आज आपके लिए कुछ बहुत ख़ास करने वाला है।



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