श्रीडूंगरगढ़ टुडे 22 सितंबर 2025
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
जय श्री गणेशाय नमः
जय श्री कृष्णा
आज का पंचांग-22.09.2025🌄


✴️दैनिक गोचर राशिफल सहित✴️
🕉️ शुभ सोमवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम)
आज विशेष
शरद् नवरात्रि प्रारंभ – दुर्गा पूजा-पाठ की विधि
दिनांक 22.09.2025 से 1.10.2025 तक
शारदीय नवरात्रि 2025 घट स्थापना मुहूर्त
कन्या लग्न – प्रातः 6.21 से 8.13 तक
अभिजित -मध्या. 11.59 से 12.48 तक
(दोनों मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ है)
दैनिक पंचांग विवरण
आज दिनांक……………….. .22.09.2025
कलियुग संवत्…………………………5127
विक्रम संवत्…………………………. 2082
शक संवत्……………………………..1947
संवत्सर…………………………. श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………………..दक्षिण
गोल………………………. …………….उत्तर
ऋतु…………………………………….. शरद्
मास…………………………………. आश्विन
पक्ष…………………………………….शुक्ला
तिथि…प्रतिपदा. रात्रि. 2.57* तक / द्वितीया
वार…………………………………. सोमवार
नक्षत्र…उ.फाल्गुनी. पूर्वा. 11.24 तक / हस्त
चंद्रमा…………….. कन्या. (संपूर्ण (अहोरात्र)
योग………… शुक्ल. रात्रि. 7.58 तक / ब्रह्म
करण…..……… किंस्तुघ्न. अपरा. 2.06 तक
करण.. . बव. रात्रि. 2.57* तक / बालव
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
सूर्योदय…………………. प्रातः 6.21.07 पर
सूर्यास्त…………………..सायं. 6.26.40 पर
दिनमान-घं.मि.से……………….. 12.05.32
रात्रिमान………………………….11.54.50
चंद्रास्त………………….. 6.42.09 PM पर
चंद्रोदय………………….. 6.52.33 AM पर
राहुकाल… प्रातः 7.52 से 9.33 तक(अशुभ)
यमघंट..पूर्वा. 10.53 से 12.24 तक(अशुभ)
गुलिक.. अपरा. 1.55 से 3.25 (शुभे त्याज्य)
अभिजित……मध्या.11.59 से 12.48(शुभ)
पंचक…………………………… आज नहीं है।
हवन मुहूर्त………………………….. आज है।
दिशाशूल………………………….. पूर्व दिशा
दोष परिहार…… .दूध का सेवन कर यात्रा करें
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।
गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें..
✴️सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट✴️
लग्न …. कन्या 4°39′ उत्तर फाल्गुनी 3 पा
सूर्य ……..कन्या 5°4′ उत्तर फाल्गुनी 3 पा
चन्द्र ….कन्या 7°25′ उत्तर फाल्गुनी 4 पी
बुध ^ ……………..कन्या 12°9′ हस्त 1 पू
शुक्र ……………….सिंह 8°52′ मघा 3 मू
मंगल ……………..तुला 5°36′ चित्रा 4 री
बृहस्पति …….. मिथुन 27°4′ पुनर्वसु 3 हा
शनि * …….मीन 4°19′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
राहू * …… कुम्भ 23°23′ पूर्वभाद्रपद 2 सो
केतु * …… सिंह 23°23′ पूर्व फाल्गुनी 4 टू
✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
अमृत……………प्रातः 6.21 से 7.52 तक
शुभ……………प्रातः 9.23 से 10.53 तक
चंचल…………..अपरा 1.55 से 3.25 तक
लाभ…………..अपरा 3.25 से 4.56 तक
अमृत……………सायं. 4.56 से 6.27 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
चंचल………सायं-रात्रि. 6.27 से 7.56 तक
लाभ……रात्रि. 10.55 से 12.24 AM तक
शुभ…..रात्रि. 1.53 AM से 3.23 AM तक
अमृत…रात्रि. 3.23 AM से 4.52 AM तक
चंचल…रात्रि. 4.52 AM से 6.22 AM तक
(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये..
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार राशिगत् नामाक्षर..
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
11.24 AM तक—-उ.फाल्गु—-4——पी
05.55 PM तक——–हस्त—-1——-पू
12.28 AM तक——–हस्त—-2——-ष
उपरांत रात्रि तक——–हस्त—-3——-ण
राशि कन्या – पाया रजत्
आज का दिन
व्रत विशेष……. शारदीय नवरात्रि/व्रत प्रारंभ
नवरात्रि विशेष………..नवरात्रि घट स्थापना
नवरात्रि विशेष.नवरात्रि प्रथम(शैलपुत्री पूजा)
अन्य व्रत…………………………….. नहीं है।
पर्व विशेष….श्री अग्रसेन जयंती (5149 वीं)
दिन विशेष…………………..चातुर्मास जारी
दिन विशेष………..विश्व राईनो(गेंडा) दिवस
श्राद्ध विशेष………………… मातामह श्राद्ध
दिन विशेष…………………………. नहीं है।
पंचक…………………………. आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)…………………… आज नहीं है।
खगोलीय…. वर्तमान सूर्य नक्षत्र(उ.फाल्गुनी)
नक्षत्र वाहन………………जंबूक.वर्षा (नेष्ट)
खगोलीय… ..तुलायां भानु रात्रि. 11.49 पर
खगोलीय…. रवि दक्षिण गोलीय गति प्रारंभ
सर्वा.सि.योग…………………. आज नहीं है।अमृ.सि.योग…………………. आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग…………………… आज नहीं
अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
आज दिनांक………………… 23.9.2025
तिथि…. आश्विन शुक्ला द्वितीया मंगलवार
व्रत विशेष…..शरद् नवरात्रि व्रतानुष्ठान् जारी
नवरात्रि क्रम……द्वितीय (ब्रह्मचारिणी पूजा)
अन्य व्रत……………………………..नहीं है।
पर्व विशेष…………………………… नहीं है।
दिन विशेष…………………..चातुर्मास जारी
दिन विशेष……………..चंद्रदर्शन सायंकाल
दिन विशेष…………. राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस
दिन विशेष….. विश्व सांकेतिक भाषा दिवस
पंचक…………………………. आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)…………………… आज नहीं है। खगोलीय… .वर्तमान सूर्य नक्षत्र(उ.फाल्गुनी)
नक्षत्र वाहन……………… जंबूक.वर्षा (नेष्ट)
खगोलीय….. .स्वात्यां भौम. रात्रि. 8.56 पर
सर्वा.सि.योग…………………. आज नहीं है।अमृ.सि.योग……………………आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग……………………..आज नहीं
✴️आज की विहैशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
शरद् नवरात्रि प्रारंभ – दुर्गा पूजा-पाठ की विधि
दिनांक 22.09.2025 से 1.10.2025 तक
नवरात्रि में दुर्गा पूजा-पाठ की यह विधि यहां संक्षिप्त रूप से दी जा रही है। नवरात्रि आदि विशेष अवसरों पर तथा शतचंडी आदि वृहद् अनुष्ठानों में विस्तृत विधि का उपयोग किया जाता है। उसमें यन्त्रस्थ कलश, गणेश, नवग्रह, मातृका, वास्तु, सप्तर्षि, सप्तचिरंजीव, 64 योगिनी, 49 क्षेत्रपाल तथा अन्यान्य देवताओं की वैदिक विधि से पूजा होती है। अखंड दीप की व्यवस्था की जाती है।
देवी प्रतिमा की अंग-न्यास और अग्न्युत्तारण आदि विधि के साथ विधिवत् पूजा की जाती है। नवदुर्गा पूजा, ज्योतिःपूजा, बटुक-गणेशादिसहित कुमारी पूजा, अभिषेक, नान्दीश्राद्ध, रक्षाबंधन, पुण्याहवाचन, मंगलपाठ, गुरुपूजा, तीर्थावाहन, मंत्र-खान आदि, आसनशुद्धि, प्राणायाम, भूतशुद्धि, प्राण-प्रतिष्ठा, अन्तर्मातृकान्यास, बहिर्मातृकान्यास, सृष्टिन्यास, स्थितिन्यास, शक्तिकलान्यास, शिवकलान्यास, हृदयादिन्यास, षोडशान्यास, विलोम-न्यास, तत्त्वन्यास, अक्षरन्यास, व्यापकन्यास, ध्यान, पीठपूजा, विशेषार्घ्य, क्षेत्रकीलन, मन्त्र पूजा, विविध मुद्रा विधि, आवरण पूजा एवं प्रधान पूजा आदि का शास्त्रीय पद्धति के अनुसार अनुष्ठान होता है।
इस प्रकार विस्तृत विधि से पूजा करने की इच्छा वाले भक्तों को अन्यान्य पूजा-पद्धतियों की सहायता से भगवती की आराधना करके पाठ आरंभ करना चाहिए।
साधक स्नान करके पवित्र हो, आसन-शुद्धि की क्रिया सम्पन्न करके शुद्ध आसन पर बैठे, साथ में शुद्ध जल, पूजन-सामग्री और श्री दुर्गा सप्तशती की पुस्तक रखें। पुस्तक को अपने सामने काष्ठ आदि के शुद्ध आसन पर विराजमान कर दें। ललाट में अपनी रुचि के अनुसार भस्म, चंदन अथवा रोली लगा लें, शिखा बांध लें, फिर पूर्वाभिमुख होकर तत्त्व-शुद्धि के लिए चार बार आचमन करें।
उस समय निम्नांकित चार मंत्रों को क्रमशः पढ़ें –
ॐ ऐं आत्मतत्त्वं शोधयामि नमः स्वाहा।
ॐ ह्रीं विद्यातत्त्वं शोधयामि नमः स्वाहा।
ॐ क्लीं शिवतत्त्वं शोधयामि नमः स्वाहा।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सर्वतत्त्वं शोधयामि नमः स्वाहा ।
तत्पश्चात् प्राणायाम करके गणेश आदि देवताओं एवं गुरुजनों को प्रणाम करे, फिर ‘पवित्रे स्थो वैष्णव्यौ’ इत्यादि मंत्र से कुश की पवित्री धारण करके हाथ में लाल फूल, अक्षत और जल लेकर संकल्प करें। संकल्प करके देवी का ध्यान करते हुए पंचोपचार की विधि से पुस्तक की पूजा करें, योनि-मुद्रा का प्रदर्शन करके भगवती को प्रणाम करे, फिर मूल नवार्ण मंत्र से पीठ आदि में आधारशक्ति की स्थापना करके उसके ऊपर पुस्तक को विराजमान करें।
इसके बाद शापोद्वार करना चाहिए। इसके अनेक प्रकार हैं। ‘ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं क्रां क्रीं चण्डिकादेव्यै शापनाशानुग्रहं कुरु कुरु स्वाहा’ – इस मंत्र का आदि और अन्त में सात बार जप करे। यह शापोद्वारमन्त्र कहलाता है।
इसके अनन्तर उत्कीलन-मंत्र का जप किया जाता है। इसका जप आदि और अन्त में इक्कीस-इक्कीस बार होता है। यह मन्त्र इस प्रकार है – ‘ॐ ह्रीं क्लीं ह्रीं सप्तशति चण्डिके उत्कीलनं कुरु कुरु स्वाहा।’ इसके जप के पश्चात् आदि और अन्त में सात-सात बार मृत-संजीवनी विद्या का जप करना चाहिए।
इस प्रकार शापोद्धार करने के अनंतर अन्तर्मातृकाबहिर्मातृका आदि न्यास करें, फिर भगवती का ध्यान करके रहस्य में बताये अनुसार नौ कोष्ठों वाले यन्त्र में महालक्ष्मी आदि का पूजन करें, इसके बाद छः अंगो सहित दुर्गा सप्तशती का पाठ आरम्भ किया जाता है।
कवच, अर्गला, कीलक और तीनों रहस्य – ये ही सप्तशती के छः अंग माने गए हैं। उनके क्रम में भी मतभेद है। चिदम्बर संहिता में पहले अर्गला, फिर कीलक तथा अन्त में कवच पढ़ने का विधान है। किंतु योगरत्नावली में पाठ का क्रम इससे भिन्न है। उसमें कवच को बीज, अर्गला को शक्ति तथा कीलक को कीलक-संज्ञा दी गई है। जिस प्रकार सब मन्त्रों में पहले बीज का, फिर शक्ति तथा अंत में कीलक का उच्चारण होता है। उसी प्रकार यहां भी पहले कवच रूप बीज का, फिर अर्गलारूपा शक्ति का तथा अंत में कीलक रूप कीलक का क्रमश: पाठ होना चाहिए।
✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज आपका तल्ख़ बर्ताव जीवनसाथी के साथ आपके संबंधों में तनाव डाल सकता है। कोई भी ऐसा काम करने से पहले इसके परिणामों के बारे में सोच लें। अगर मुमकिन हो तो अपना मूड बदलने के लिए कहीं और जाएँ। आज किसी विपरीत लिंगी की मदद से आपको करोबार या नौकरी में आर्थिक लाभ होने की संभावना है। किसी बुज़ुर्ग की सेहत चिंता का सबब बनेगी। आपका प्रिय आज कुछ खीझा हुआ महसूस कर सकता है, जो आपके दिमाग़ पर दबाव और बढ़ा देगा। संतोषजनक परिणाम पाने के लिए काम को योजनाबद्ध तरीक़े से करें, दफ़्तर की परेशानियों को हल करने में आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। आज आपको अचानक किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है जिसकी वजह से घरवालों के साथ समय बिताने का आपका प्लान खराब हो सकता है। जीवनसाथी का बिगड़ता स्वास्थ्य आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज आपका प्रबल आत्मविश्वास और आज के दिन का आसान कामकाज मिलकर आपको आराम के लिए काफ़ी वक़्त देंगे। ख़र्चों में हुई अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी आपके मन की शांति को भंग करेगी। ऐसे कामों में सहभागिता करने के लिए अच्छा समय है, जिसमें युवा लोग जुड़े हों। प्रेम-जीवन में आशा की नयी किरण आयेगी। आप आप अपने उद्देश्यों की पूर्ति करने में सफल रहेंगे, बशर्ते इसके लिए आप दूसरों से मदद लें तो। वक्त की नजाकत को समझते हुए आज आप सब लोगों से दूरी बनाकर एकांत में वक्त बिताना पसंद करेंगे। ऐसा करना आपके लिए हितकर भी होगा। शादीशुदा ज़िन्दगी के नज़रिए से चीज़ें काफ़ी अच्छी रहेंगी।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज के दिन आप काम को अलग रखकर थोड़ा आराम करें और कुछ ऐसा करें जिसमें आपकी दिलचस्पी हो। आकस्मिक मुनाफ़े या सट्टेबाज़ी के ज़रिए आर्थिक हालात सुदृढ़ होंगे। पुराने परिचितों से मिलने-जुलने और पुराने रिश्तों को फिर से तरोताज़ा करने के लिए अच्छा दिन है। आज आप जीवन में सच्चे प्रेम की कमी का अनुभव करेंगे। ज़्यादा चिंता न करें, हर चीज़ समय के साथ बदलती है और इसलिए आपकी रोमांटिक ज़िंदगी में भी बदलाव आएगा। चीज़ें कार्यक्षेत्र में बेहतर नज़र आती हैं। पूरे दिन आपका मिज़ाज बढ़िया रहेगा। अपनी बातचीत में मौलिकता रखें, क्योंकि किसी भी तरह का बनावटीपन आपको फ़ायदा नहीं पहुँचाएगा। बिजली कटौती या फिर किसी अन्य वजह से आपको सुबह तैयार होने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन जीवनसाथी की ओर से इससे निबटने में काफ़ी मदद मिलेगी।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
मौज-मस्ती की यात्राएं और सामाजिक मेलजोल आपको ख़ुश रखेंगे और सुकून देंगे। आज के दिन आपको अपने उन दोस्तों से बचकर रहने की जरुरत है जो आपसे उधार मांगते हैं और फिर उसे लौटाते नहीं हैं। अपने बर्ताव में उदार बनें और परिवार के साथ प्यार भरे पल गुज़ारें। अगर आपको लगता है कि आपका साथी आपकी बातों को समझ नहीं पाता तो आज उनके साथ वक्त बिताएं और अपनी बातों को स्पष्टता के साथ उनके सामने रखें। किसी लघु या मध्यावधि पाठ्यक्रम में दाखिला लेकर अपनी तकनीकी क्षमताओं में निखार लाएँ। जो लोग अब तक किसी काम में व्यस्त थे आज उन्हें अपने लिए समय मिल सकता है लेकिन घर में किसी काम के आ जाने से आप फिर से व्यस्त हो सकते हैं। आपका जीवनसाथी आपको ज़्यादा ख़ास वक़्त देने वाला है।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज आप चोट से बचने के लिए सावधानी से बैठें। साथ ही सही तरीक़े से कमर सीधी करके बैठना न केवल व्यक्तित्वमें सुधार लाता है, बल्कि सेहत और आत्म-विश्वास के स्तर को भी ऊपर ले जाता है। लम्बे अरसे को मद्देनज़र रखते हुए निवेश करें। जीवन और कामकाज में दूसरों के लिए एक आदर्श बनें। गर्मजोशी और दूसरों की मदद की इच्छा के साथ मानवीय मूल्यों को ख़ुद में संजोना आपको पहचान दिलाएगा। इससे आपके जीवन में अच्छा तालमेल पैदा होगा। काफ़ी वक़्त फ़ोन न करके आप अपने प्रिय को तंग करेंगे। आपका दिमाग़ काम-काज की उलझनों में फँसा रहेगा, जिसके चलते आप परिवार और दोस्तों के लिए समय नहीं निकाल पाएंगे। आज ऐसी कई सारी चीज़ें होंगी – जिनकी तरफ़ तुरन्त ग़ौर करने की आवश्यकता है। आपको या आपके जीवनसाथी को चोट लग सकती है। इसलिए एक-दूसरे का ख़याल रखें।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज आप क़िस्मत के भरोसे न बैठें और अपनी सेहत सुधारने के लिए ख़ुद मेहनत करें, क्योंकि हाथ पर हाथ रखे रहने से कुछ नहीं होने वाला। अब वक़्त आ गया है कि आप अपना वज़न क़ाबू में करें और स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम का सहारा लें। परिवार के किसी सदस्य के बीमार पड़ने की वजह से आपको आर्थिक परेशानी आ सकती है, हालांकि इस वक्त आपको धन से ज्यादा उनकी सेहत की चिंता करनी चाहिए। एक पारिवारिक आयोजन में आप सभी के ध्यान का केन्द्र होंगे। प्यार-मोहब्बत के मामले में दबाव बनाने की कोशिश न करें। बिना गहराई से समझे-बूझे किसी व्यावसायिक/क़ानूनी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर न करें। आज आपको ढेरों दिलचस्प निमंत्रण मिलेंगे- साथ ही आपको एक आकस्मिक उपहार भी मिल सकता है। जीवनसाथी का आत्मकेन्द्रित व्यवहार आपको नागवार गुज़रेगा।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज असुरक्षा/ दुविधा के चलते आप असमंजस में फँस सकते हैं। विदेशों में पड़ी आपकी जमीन आज अच्छे दामों में बिक सकती है जिससे आपको लाभ होगा। कोई पुराना परिचित आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। आपको अपने प्रिय को ख़ुद के हालात समझाने में दिक़्क़त महसूस होगी। व्यवसाय में किसी धोखेबाज़ी से बचने के लिए अपने आँख-कान खुले रखें। अगर आप अपनी चीज़ों का ध्यान नहीं रखेंगे, तो उनके खोने या चोरी होने की संभावना है। जीवनसाथी के साथ एक आरामदायक दिन बीतेगा।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज अपने शरीर की थकान मिटाने और ऊर्जा-स्तर को बढ़ाने के लिए आपको पूरे आराम की ज़रूरत है, नहीं तो शरीर की थकावट आपके मन में निराशावादिता को जन्म दे सकती है। केवल एक दिन को नज़र में रखकर जीने की अपनी आदत पर क़ाबू करें और ज़रूरत से ज़्यादा वक़्त व पैसा मनोरंजन पर ख़र्च न करें। लोगों और उनके इरादों के बारे में जल्दबाज़ी में फ़ैसला न लें। हो सकता है कि वे दबाव में हों और उन्हें आपकी सहानुभूति व विश्वास की ज़रूरत है । आज आपने जो नई जानकारी हासिल की है, वह आपको अपने प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त दिलाएगी। कर्म-काण्ड/हवन/पूजा-पाठ आदि का आयोजन घर मे हो सकता है । विवाह एक दैवीय आशीर्वाद है और आज आप इसका अनुभव कर सकते हैं।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज इच्छाशक्ति की कमी आपको भावनात्मक और मानसिक परेशानियों में फँसा सकती है। आपका धन आपके काम तभी आता है जब आप फिजूलखर्ची करने से खुद को रोकते हैं आज ये बात आपको अच्छी तरह से समझ में आ सकती है। अपने जीवनसाथी के मामलों में ज़रूरत से ज़्यादा दखल देना उसकी झुंझलाहट का कारण बन सकता है। ग़ुस्से को फिर से भड़कने से रोकने के लिए उसकी इजाज़त लें, तो आसानी से इस परेशानी को हल किया जा सकता है। आज हो सकता है कि पहली नज़र में ही आपको कोई पसंद कर ले। कुछ लोगों को विदेश से कोई ख़ास ख़बर या व्यावसायिक प्रस्ताव मिल सकता है। आपको याद रखने की ज़रूरत है कि भगवान उसी की मदद करता है, जो ख़ुद अपनी मदद करता है। वैवाहिक सुख के दृष्टिकोण से आज आपको कुछ अनोखा उपहार मिल सकता है।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज आपका व्यक्तित्व इत्र की तरह महकेगा और सबको आकर्षित करेगा। बिना बताये आज कोई देनदार आपके अकाउंट में पैसे डाल सकता है जिसके बारे में जानकर आपको अचंभा भी होगा और खुशी भी। पारिवारिक सदस्य या जीवन-साथी तनाव की वजह बन सकते हैं। अपने प्रिय के लिए बदले की भावना से कुछ भी हासिल नहीं होगा- बजाय इसके आपको दिमाग़ शांत रखना चाहिए और अपने प्रिय को अपनी सच्चे जज़्बात से परिचित कराना चाहिए। काम और घर पर दबाव आपको थोड़ा ग़ुस्सैल बना सकता है। अगर कहीं बाहर जाने की योजना है तो वह आख़िरी वक़्त पर टल सकती है। जीवनसाथी की ओर से मिले तनाव के चलते सेहत पर बुरा असर पड़ना संभव है।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज कुछ ऐसी घटनाएँ आपकी परेशानी का कारण बन सकती हैं, जिन्हें टालना संभव न हो। लेकिन आप ख़ुद को शांत बनाए रखें और हालात से निपटने के लिए तुरंत प्रतिक्रिया न करें। आज के दिन निवेश करने से बचना चाहिए। घर में कुछ बदलाव आपको काफ़ी भावुक बना सकते हैं, लेकिन आप अपनी भावनाएँ उनके सामने ज़ाहिर करने में सफल रहेंगे जो आपके लिए ख़ास हैं। आपका प्रेमी या प्रेमिका आज बहुत गुस्से में नजर आ सकते हैं इसकी वजह उनके घर की स्थिति होगी। अगर वो गुस्से में हैं तो उन्हें शांत करने की कोशिश करें। छात्रों के लिए बहुत अच्छा दिन है। वे परीक्षा में बढ़िया प्रदर्शन करेंगे। हालाँकि इस सफलता को सिर पर न चढ़ने दें और इससे प्रेरणा लेकर ज़्यादा कड़ी मेहनत के लिए कमर कसें। आपके पास समय तो होगा लेकिन बावजूद इसके भी आप कुछ ऐसा नहीं कर पाएंगे जो आपको संतुष्टि दे। किसी के प्रभाव में आकर आपका जीवनसाथी आपसे झगड़ सकता है, लेकिन प्यार और सद्भाव से मामला सुलझ जाएगा।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज का नर्वस ब्रेकडाउन आपकी सोचने की ताक़त और शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को कमज़ोर बना सकता है। सकारात्मक सोच के ज़रिए इस समस्या से निजात पाएँ। अगर आपका धन से जुड़ा कोई मामला कोर्ट-कचहरी में अटका था तो आज उसमें आपको विजय मिल सकती है और आपको धन लाभ हो सकता है। जिन्हें आप चाहते हैं, उनके साथ उपहारों का लेन-देन करने के लिए अच्छा दिन है। जब आप अपने प्रिय के साथ बाहर जाएँ तो अपने पहनावे और बरताव में नयापन रखें। तब तक कोई वादा न करें, जब तक कि आप पूरी तरह उसे पूरा करने में सक्षम न हों। दिल के करीबी लोगों के साथ आपका वक्त बिताने का मन करेगा लेकिन आप ऐसा कर पाने में सक्षम नहीं हो पाएंगे। आपके जीवनसाथी की मुस्कान पल भर में आपका सारा दर्द ग़ायब करने की क़ाबिलियत रखती हे।
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