Menu
हाइवे पर बड़ा हादसा टला, बस अनियंत्रित होकर सड़क से उतरी, कई यात्री घायल  |  श्री गोपाल गौशाला दुलचासर में दानदाताओ ने गौवंश को लगाया लापसी व गुड़ का भोग  |  वन विभाग की बड़ी कार्यवाही:खेत की रखवाली की आड़ में करता हिरन का शिकार,शातिर शिकारी गिरफ्तार,बंदूक व अवशेष जब्त  |  सेरूणा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6.46 ग्राम एमडी के साथ युवक गिरफ्तार  |  मोमासर: सुरवि चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित दंत चिकित्सा शिविर में पांचवें दिन उमड़े ग्रामीण, 182 बच्चों सहित 267 लोगों की हुई जांच  | 

29 सितंबर 2025,सोमवार दुर्गा अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ देखें आज का पंचांग व राशिफल साथ जानें खास बातें पंडित नरेश सारस्वत रिड़ी के साथ

Post BannerPost BannerPost BannerPost BannerPost Banner

श्रीडूंगरगढ़ टुडे 29 सितंबर 2025

🙏जय श्री गणेशाय नमः

🙏जय श्री कृष्णा🙏

🕉️आज का पंचांग-29.09.2025🕉️

✴️दैनिक गोचर राशिफल सहित✴️
🕉️ शुभ सोमवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)


आज विशेष

नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर का इतिहास और
पौराणिक मान्यतानुसार विश्लेषित जानकारी


दैनिक पंचांग विवरण


आज दिनांक……………….. .29.09.2025
कलियुग संवत्…………………………5127
विक्रम संवत्…………………………. 2082
शक संवत्……………………………..1947
संवत्सर………………………….श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………………..दक्षिण
गोल………………………. …………..दक्षिण
ऋतु……………………………………..शरद्
मास…………………………………. आश्विन
पक्ष…………………………………….शुक्ला
तिथि……सप्तमी.अपरा. 4.32 तक / अष्टमी
वार…………………………………. सोमवार
नक्षत्र……मूल. रात्रि. 6.18* तक / पूर्वाषाढ़ा
चंद्रमा…………………धनु. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग…. सौभाग्य. रात्रि.12.59* तक/ शोभन
करण…………… वणिज. अपरा. 4.32 तक
करण…विष्टि(भद्रा) रात्रि. 5.24* तक /. बव


नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।


विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट

दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट


सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची


सूर्योदय………………….प्रातः 6.23.53 पर
सूर्यास्त………………….सायं. 6.19.06 पर
दिनमान-घं.मि.से………………. 11.55.13
रात्रिमान………………………….12.05.10
चंद्रोदय…………………12.52.15 PM पर
चंद्रास्त………………….11.15.02 PM पर
राहुकाल…प्रातः 7.56 से 9.23 तक(अशुभ)
यमघंट..पूर्वा.10.52 से 12.22 तक(अशुभ)
गुलिक..अपरा. 1.51 से 3.20 (शुभे त्याज्य)
अभिजित……मध्या.11.58 से 12.45(शुभ)
पंचक…………………………… आज नहीं है।
हवन मुहूर्त……………………… आज नहीं है।
दिशाशूल…………………………… पूर्व दिशा
दोष परिहार……. दूध का सेवन कर यात्रा करें


🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄


अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता


ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।


प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।


गौधूलिक काल- सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।


🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄


भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें।


✴️सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट✴️


लग्न …………….कन्या 13°49′ हस्त 2 ष
सूर्य …………….कन्या 11°56′ हस्त 1 पू
चन्द्र ………………. .धनु 1°20′ मूल 1 ये
बुध ^ ………….कन्या 23°51′ चित्रा 1 पे
शुक्र ……सिंह 17°27′ पूर्व फाल्गुनी 2 टा
मंगल …………..तुला 10°20′ स्वाति 2 रे
बृहस्पति ……..मिथुन 28°1′ पुनर्वसु 3 हा
शनि * …….मीन 3°47′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
राहू * ………कुम्भ 23°0′ पूर्वभाद्रपद 1 से
केतु * …….सिंह 23°0′ पूर्व फाल्गुनी 3 टी


✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️

____________________

अमृत……………. प्रातः 6.24 से 7.53 तक
शुभ……………. प्रातः 9.23 से 10.52 तक
चंचल………….. अपरा. 1.51 से 3.20 तक
लाभ…………… अपरा. 3.20 से 4.50 तक
अमृत……………. सायं. 4.50 से 5.19 तक


✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️


चंचल……… सायं-रात्रि. 6.19 से 7.50 तक
लाभ…….रात्रि. 10.51 से 12.22 AM तक
शुभ……रात्रि. 1.52 AM से 3.23 AM तक
अमृत….रात्रि. 3.23 AM से 4.54 AM तक
चंचल….रात्रि. 4.54 AM से 6.24 AM तक



(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )


🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞

शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30


दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण

संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये..

आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के नुसार राशिगत् नामाक्षर….


समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर


10.32 AM तक—-मूल—–1——-ये
05.09 PM तक—-मूल—–2——यो
11.44 PM तक—-मूल—–3——भा
06.18 AM तक—-मूल—–4——भी उपरांत रात्रि तक–पूर्वाषाढ़ा–1——भू

राशि धनु – पाया ताम्र_


आज का दिन


व्रत विशेष… .शरद् नवरात्रि व्रतानुष्ठान् जारी
नवरात्रि क्रम………सप्तम (कालरात्रि पूजा)
अन्य व्रत…………………………… . नहीं है।
पर्व विशेष……….. .श्री सरस्वती आवाहनम्
पर्व विशेष….नवपद ओली प्रारंभ (जैन मत)
दिन विशेष…………………..चातुर्मास जारी
दिन विशेष………………..विश्व हृदय दिवस
दिन विशेष….खाद्य हानि जागरूकता दिवस
पंचक…………………………. आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)अपरा.4.32 से रात्रि 5.24*तक खगोलीय………… वर्तमान सूर्य नक्षत्र(हस्त)
नक्षत्र वाहन……………..चातक.वर्षा (श्रेष्ठ)
खगोलीय…………………….. आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग…………………. आज नहीं है। अमृ.सि.योग………………….. आज नहीं है।

सिद्ध रवियोग………………… आज नहीं है।


अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी


आज दिनांक………………….30.9.2025
तिथि……..आश्विन शुक्ला अष्टमी मंगलवार
व्रत विशेष…..शरद् नवरात्रि व्रतानुष्ठान् जारी
नवरात्रि क्रम………..अष्टम् (महागौरी पूजा)
अन्य व्रत……………………………. नहीं है।

पर्व विशेष…………… श्री सरस्वती पूजनम्
पर्व विशेष……….महाष्टमी /दुर्गाष्टमी पूजन
दिन विशेष………………….चातुर्मास जारी
दिन विशेष…….. अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस
दिन विशेष………………. राष्ट्रीय प्रेम दिवस
पंचक…………………………. आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)…………………….आज नहीं है ।खगोलीय………… वर्तमान सूर्य नक्षत्र(हस्त)
नक्षत्र वाहन…………….. चातक.वर्षा (श्रेष्ठ)
खगोलीय…………………….. आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग…………………. आज नहीं है।अमृ.सि.योग………………….. आज नहीं है।

सिद्ध रवियोग………………… आज नहीं है।


✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️

💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥


नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर का इतिहास और
पौराणिक मान्यतानुसार विश्लेषित जानकारी

विश्व में दो पशुपतिनाथ मंदिर प्रसिद्ध है एक नेपाल के काठमांडू का और दूसरा भारत के मंदसौर का। दोनों ही मंदिर में मुर्तियां समान आकृति वाली है। नेपाल का मंदिर बागमती नदी के किनारे काठमांडू में स्थित है और इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल किया गया है। यह मंदिर भव्य है और यहां पर देश-विदेश से पर्यटक आते हैं।

पशु अर्थात जीव या प्राणी और पति का अर्थ है स्वामी और नाथ का अर्थ है मालिक या भगवान। इसका मतलब यह कि संसार के समस्त जीवों के स्वामी या भगवान हैं पशुपतिनाथ। दूसरे अर्थों में पशुपतिनाथ का अर्थ है जीवन का मालिक।

माना जाता है कि यह लिंग, वेद लिखे जाने से पहले ही स्थापित हो गया था। पशुपति काठमांडू घाटी के प्राचीन शासकों के अधिष्ठाता देवता रहे हैं। पाशुपत संप्रदाय के इस मंदिर के निर्माण का कोई प्रमाणित इतिहास तो नहीं है किन्तु कुछ जगह पर यह उल्लेख मिलता है कि मंदिर का निर्माण सोमदेव राजवंश के पशुप्रेक्ष ने तीसरी सदी ईसा पूर्व में कराया था।

605 ईस्वी में अमशुवर्मन ने भगवान के चरण छूकर अपने को अनुग्रहीत माना था। बाद में इस मंदिर का पुन: निर्माण लगभग 11वीं सदी में किया गया था। दीमक की वजह से मंदिर को बहुत नुकसान हुआ, जिसकी कारण लगभग 17वीं सदी में इसका पुनर्निर्माण किया गया।

बाद में मध्य युग तक मंदिर की कई नकलों का निर्माण कर लिया गया। ऐसे मंदिरों में भक्तपुर (1480), ललितपुर (1566) और बनारस (19वीं शताब्दी के प्रारंभ में) शामिल हैं। मूल मंदिर कई बार नष्ट हुआ है। इसे वर्तमान स्वरूप नरेश भूपलेंद्र मल्ला ने 1697 में प्रदान किया।

अप्रैल 2015 में आए विनाशकारी भूकंप में पशुपतिनाथ मंदिर के विश्व विरासत स्थल की कुछ बाहरी इमारतें पूरी तरह नष्ट हो गयी थी जबकि पशुपतिनाथ का मुख्य मंदिर और मंदिर की गर्भगृह को किसी भी प्रकार की हानि नहीं हुई थी।

पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान की सेवा करने के लिए 1747 से ही नेपाल के राजाओं ने भारतीय ब्राह्मणों को आमंत्रित किया था। बाद में ‘माल्ला राजवंश’ के एक राजा ने दक्षिण भारतीय ब्राह्मण को मंदिर का प्रधान पुरोहित नियुक्त कर दिया। दक्षिण भारतीय भट्ट ब्राह्मण ही इस मंदिर के प्रधान पुजारी नियुक्त होते रहे थे। वर्तमान में प्रचंड सरकार के काल में भारतीय ब्राह्मणों का एकाधिकार खत्म कर नेपाली लोगों को पूजा का प्रभाव सौंप दिया गया।

ये मंदिर प्रत्येक दिन प्रातः 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुला रहता है। केवल दोपहर के समय और साय पांच बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाते है। मंदिर में जाने का सबसे उत्तम समय सुबह सुबह जल्दी और देर शाम का होता है। पुरे मंदिर परिसर का भ्रमण करने के लिए 90 से 120 मिनट का समय लगता है।

नेपाल में पशुपतिनाथ का मंदिर काठमांडू के पास देवपाटन गांव में बागमती नदी के किनारे स्थित है। मंदिर में भगवान शिव की एक पांच मुंह वाली मूर्ति है। पशुपतिनाथ विग्रह में चारों दिशाओं में एक मुख और एकमुख ऊपर की ओर है। प्रत्येक मुख के दाएं हाथ में रुद्राक्ष की माला और बाएं हाथ में कमंदल मौजूद है। मान्यता अनुसार पशुपतिनाथ मंदिर का ज्योतिर्लिंग पारस पत्थर के समान है।

कहते हैं कि ये पांचों मुंह अलग-अलग दिशा और गुणों का परिचय देते हैं। पूर्व दिशा की ओर वाले मुख को तत्पुरुष और पश्चिम की ओर वाले मुख को सद्ज्योत कहते हैं। उत्तर दिशा की ओर वाले मुख को वामवेद या अर्धनारीश्वर कहते हैं और दक्षिण दिशा वाले मुख को अघोरा कहते हैं। जो मुख ऊपर की ओर है उसे ईशान मुख कहा जाता है।

इस मंदिर में भगवान शिव की मूर्ति तक पहुंचने के चार दरवाजे बने हुए हैं। वे चारों दरवाजे चांदी के हैं। पश्चिमी द्वार की ठीक सामने शिव जी के बैल नंदी की विशाल प्रतिमा है जिसका निर्माण पीतल से किया गया है। इस परिसर में वैष्णव और शैव परंपरा के कई मंदिर और प्रतिमाएं है। पशुपतिनाथ मंदिर को शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, केदारनाथ मंदिर का आधा भाग माना जाता है।

यह मंदिर हिंदू और बौद्ध वास्तुकला का एक अच्छा मिश्रण है। मुख्य पगोडा शैली का मंदिर सुरक्षित आंगन में स्थित है जिसका संरक्षण नेपाल पुलिस द्वारा किया जाता है। यह मंदिर लगभग 264 हेक्टर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें 518 मंदिर और स्मारक सम्मिलित है। मंदिर की द्वी स्तरीय छत का निर्माण तांबे से किया गया है जिनपर सोने की परत चढाई गई है।

मंदिर वर्गाकार के एक चबूतरे पर बना है जिसकी आधार से शिखर तक की ऊंचाई 23m 7cm है। मंदिर का शिखर सोने का है जिसे गजुर कहते हैं। परिसर के भीतर दो गर्भगृह है एक भीतर और दुसरी बाहर। भीतरी गर्भगृह वह स्थान है जहां शिव की प्रतिमा को स्थापित किया गया है जबकि बाहरी गर्भगृह एक खुला गलियारा है।

भीतरी आंगन में मौजूद मंदिर और प्रतिमाओं में वासुकि नाथ मंदिर, उन्मत्ता भैरव मंदिर, सूर्य नारायण मंदिर, कीर्ति मुख भैरव मंदिर, बूदानिल कंठ मंदिर हनुमान मूर्ति, और 184 शिवलिंग मूर्तियां प्रमुख रूम से मौजूद है जबकि बाहरी परिसर में राम मंदिर, विराट स्वरूप मंदिर, 12 ज्योतिर्लिंग और पंद्र शिवालय गुह्येश्वरी मंदिर के दर्शन किए जाते हैं। पशुपतिनाथ मंदिर के बाहर आर्य घाट स्थिति है। पौराणिक काल से ही केवल इसी घाट के पानी को मंदिर के भीतर ले जाए जाने का प्रावधान है।

पशुपतिनाथ मंदिर के संबंध में यह मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस स्थान के दर्शन करता है उसे किसी भी जन्म में फिर कभी पशु योनि प्राप्त नहीं होती है।

हालांकि शर्त यह है कि पहले शिवलिंग के पहले नंदी के दर्शन ना करे। यदि वो ऐसा करता है तो फिर अलगे जन्म में उसे पशु बनना पड़ता है। मंदिर की महिमा के बारे में आसपास के लोगों से आप काफी कहानियां भी सुन सकते हैं। मंदिर में अगर कोई घंटा-आधा घंटा ध्यान करता है तो वह जीव कई प्रकार की समस्याओं से मुक्त भी हो जाता है।

  1. एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव यहां पर चिंकारे का रूप धारण कर निद्रा में चले बैठे थे। जब देवताओं ने उन्हें खोजा और उन्हें वाराणसी वापस लाने का प्रयास किया तो उन्होंने नदी के दूसरे किनारे पर छलांग लगा दी। कहा जाता हैं इस दौरान उनका सींग चार टुकडों में टूट गया था। इसके बाद भगवान पशुपति चतुर्मुख लिंग के रूप में यहां प्रकट हुए थे।

2.दूसरी कथा एक चरवाहे से जुड़ी है। कहते हैं कि इस शिवलिंग को एक चरवाहे द्वारा खोजा गया था जिसकी गाय का अपने दूध से अभिषेक कर शिवलिंग के स्थान का पता लगाया था।

3.तीसरी कथा भारत के उत्तराखंड राज्य से जुडी एक पौराणिक कथा से है। इस कथा के अनुसार इस मंदिर का संबंध केदारनाथ मंदिर से है। कहा जाता है जब पांडवों को स्वर्गप्रयाण के समय शिवजी ने भैंसे के स्वरूप में दर्शन दिए थे जो बाद में धरती में समा गए लेकिन पूर्णतः समाने से पूर्व भीम ने उनकी पुंछ पकड़ ली थी।

जिस स्थान पर भीम ने इस कार्य को किया था उसे वर्तमान में केदारनाथ धाम के नाम से जाना जाता है। एवं जिस स्थान पर उनका मुख धरती से बाहर आया उसे पशुपतिनाथ कहा जाता है। पुराणों में पंचकेदार की कथा नाम से इस कथा का विस्तार से उल्लेख मिलता है।



✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️


मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज शारीरिक लाभ के लिए, विशेषकर मानसिक तौर पर मज़बूती हासिल करने के लिए ध्यान और योग का आश्रय लें। आर्थिक तंगी से बचने के लिए अपने तयशुदा बजट से दूर न जाएँ। घरेलू मामलों पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। आपकी ओर से की गयी लापरावाही महंगी साबित हो सकती है। शाम को प्रिय के साथ रोमांटिक मुलाक़ात और साथ में कहीं खाना खाने के लिहाज़ से बढ़िया दिन है। आपका दिमाग़ काम-काज की उलझनों में फँसा रहेगा, जिसके चलते आप परिवार और दोस्तों के लिए समय नहीं निकाल पाएंगे। घर के छोटे सदस्यों के साथ गप्पें लगाकर आज आप अपने खाली समय का अच्छा उपयोग कर सकते हैं। अगर आप अपने जीवनसाथी से स्नेह की आशा रखते हैं, तो यह दिन आपकी आशाओं को पूरा कर सकता है।

वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज आपके दोस्तों का रुख़ सहयोगी रहेगा और वे आपको ख़ुश रखेंगे। लम्बे समय से अटके मुआवज़े और कर्ज़ आदि आख़िरकार आपको मिल जाएंगे। सही समय पर आपकी सहायता किसी को बड़ी परेशानी से बचा सकती है। सारी दुनिया की मदहोशी उन ख़ुशनसीबों के बीच सिमट जाती है, जो प्यार में हों। जी हाँ, आप वही ख़ुशनसीब हैं। अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल पेशेवर मामलों को सहजता से सुलझाने में करें। इस राशि के बच्चे आज खेलकूद में दिन बिता सकते हैं, ऐसे में माता-पिता को उनपर ध्यान देना चाहिए क्योंकि चोट लगने की संभावना है। आप दुनिया में ख़ुद को सबसे रईस महसूस करेंगे, क्योंकि आपके जीवनसाथी का व्यवहार आपको ऐसा महसूस कराएगा।

मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज किसी पेचीदा हालात में फँसने पर घबराएँ नहीं। जैसे खाने में थोड़ा-सा तीखापन उसे और भी स्वादिष्ट बना देता है, उसी तरह ऐसी परिस्थितियाँ आपको ख़ुशियों की सही क़ीमत बताती हैं। अपना मूड बदलने के लिए किसी सामाजिक आयोजन में भागीदारी करें। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। आपके माता-पिता की सेहत पर ज़्यादा ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है। आपका प्यार न सिर्फ़ परवान चढ़ेगा, बल्कि नई ऊँचाइयों को भी छूएगा। अपनी कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए नयी तकनीकों का सहारा लें। आपकी शैली और काम करने का नया अन्दाज़ उन लोगों में दिलचस्पी पैदा करेगा, जो आप पर नज़दीकी से ग़ौर करते हैं। खेलकूद जीवन का जरुरी हिस्सा है लेकिन खेलकूद में इतने भी व्यस्त न हो जाएं कि आपकी पढ़ाई में कमी आ जाए।

कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज एक भरे-पूरे और संतुष्ट जीवन के लिए अपनी मानसिक दृढ़ता में वृद्धि कीजिए। कोई बड़ी योजनाओं और विचारों के ज़रिए आपका ध्यान आकर्षित कर सकता है। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले उस व्यक्ति के बारे में भली-भांति जाँच-पड़ताल कर लें। सही समय पर आपकी सहायता किसी को बड़ी परेशानी से बचा सकती है। आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। आज आपका दुःख बर्फ़ की तरह पिघल जाएगा। कामकाज के मामले में आज आपकी आवाज़ पूरी तरह सुनी जाएगी। देर शाम तक आपको कहीं दूर से कोई अच्छी ख़बर सुनने को मिल सकती है। जीवनसाथी के साथ यह दिन और दिनों की अपेक्षा बेहतर गुज़रेगा।

सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज आपका विनम्र स्वभाव सराहा जाएगा। कई लोग आपकी ख़ासी तारीफ़ कर सकते हैं। रात के समय आज आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है क्योंकि आपके द्वारा दिया गया धन आज आपको वापस मिल सकता है। दोस्त और पारिवारिक मित्र आपका उत्साह बढ़ाएंगे। अचानक मिला कोई सुखद संदेश नींद में आपको मीठे सपने देगा। आपमें बहुत-कुछ हासिल करने की क्षमता है- इसलिए अपने रास्ते में आने वाले सभी मौक़ों को झट-से दबोच लें। आज आप व्यस्त दिनचर्या के बावजूद भी अपने लिए समय निकाल पाने में समर्थ होंगे और इस खाली समय में अपने परिवार वालों के साथ गुफ्तगू कर सकते हैं। आज आपका वैवाहिक जीवन हँसी-ख़ुशी, प्यार और उल्लास का केन्द्र बन सकता है।

कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज आप महसूस करेंगे कि आस-पास के लोग बहुत ज़्यादा मांग करने वाले हैं। लेकिन जितना आप कर सकते हैं, उससे ज़्यादा करने का वादा न करें और केवल दूसरे को ख़ुश करने के लिए ख़ुद को तनाव से नहीं थकाएँ। जो लोग शादीशुदा हैं उन्हें आज अपने बच्चों की पढ़ाई पर अच्छा खासा धन खर्च करना पड़ सकता है। परिवार के सदस्यों का आपके जीवन में विशेष महत्व होगा। भागीदार आपकी योजनाओं और व्यावसायिक ख़यालों के प्रति उत्साही होंगे। अगर आपको लगता है कि कुछ लोगों की संगति करना आपके लिए ठीक नहीं है और उनके साथ रहकर आपका समय बर्बाद होता है तो उनका साथ आपको छोड़ देना चाहिए। आज आपको ऐसा अनुभव होगा कि आपके जीवनसाथी के द्वारा आपको नीचा दिखाया जा रहा है। जहां तक सम्भव हो इसे नजरअंदाज करें।

तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज ख़ुद को ज़्यादा आशावादी बनने के लिए प्रेरित करें। इससे न सिर्फ़ आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और व्यवहार लचीला होगा, बल्कि डर, ईर्ष्या और नफ़रत जैसे नकारात्मक मनोभावों में भी कमी आएगी। आपको मेरी सलाह है कि शराब सिगरेट जैसी चीजों पर पैसा खर्च न करें, ऐसा करना आपके स्वास्थ्य को तो खराब करता ही है आपकी आर्थिक स्थिति भी इससे बिगड़ती है। बच्चों का स्कूल से जुड़ा काम पूरा करने के लिए मदद देने का वक़्त है। आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। आज आपका दुःख बर्फ़ की तरह पिघल जाएगा। अपने उद्देश्यों की ओर शान्ति से बढ़ते रहें और सफलता मिलने से पहले अपने पत्ते न खोलें। अगर आप अपनी चीज़ों का ध्यान नहीं रखेंगे, तो उनके खोने या चोरी होने की संभावना है। आपके वैवाहिक जीवन में शारीरिक सुख के नज़रिए से कुछ ख़ूबसूरत परिवर्तन हो सकता है।

वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज दोस्त से मिली ख़ास तारीफ़ ख़ुशी का ज़रिया बनेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपने अपनी ज़िंदगी को पेड़ की तरह बना लिया है, जो ख़ुद तपती धूप में खड़ा होकर और उसे सहकर भी राहगीरों को छांव देता है। जो व्यापारी अपने कारोबार के सिलसिले में घर से बाहर जा रहे हैं वो अपने धन को आज बहुत संभालकर रखें। धन चोरी होने की संभावना है। बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान लगाने और भविष्य के लिए योजना बनाने की ज़रूरत है। पुरानी यादों को ज़ेहन में ज़िंदा कर दोस्ती को फिर से तरोताज़ा करने का वक़्त है। यह दूसरे देशों में व्यावसायिक सम्पर्क बनाने का बेहतरीन समय है। किसी पार्क में घूमते समय आज आपकी मुलाकात किसी ऐसे शख्स से हो सकती है जिससे अतीत में आपके मतभेद थे। आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा ख़ास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पाएंगे।

धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज किसी पुराने दोस्त से मुलाक़ात आपका मन ख़ुश कर देगी। ग्रह नक्षत्रों की चाल आपके लिए आज अच्छी नहीं है, आज के दिन आपको अपने धन को बहुत सुरक्षित रखना चाहिए। पारिवारिक सदस्य या जीवन-साथी तनाव की वजह बन सकते हैं। प्रेमी एक-दूसरे की पारिवारिक भावनाओं को समझेंगे। प्रभावशाली लोगों से संपर्क करना आपके लिए अच्छे परिणाम लाएगा। आपका चुम्बकीय और ज़िन्दादिल व्यक्तित्व आपको सबके आकर्षण का केन्द्र बना देगा। आप शादीशुदा ज़िन्दगी से जुड़े चुटकुले सोशल मीडिआ पर पढ़कर खिलखिलाते हैं। लेकिन आज जब आपके वैवाहिक जीवन से जुड़ी कई चीज़ें आपके सामने आएंगी, तो आप भावुक हुए बिना नहीं रह सकेंगे।

मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज आपकी शारीरिक बीमारी के सही होने की काफ़ी संभावनाएँ हैं और इसके चलते आप शीघ्र ही खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं। आज के दिन आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है लेकिन इसके साथ ही आपको दान-पुण्य भी करना चाहिए क्योंकि इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी। आपको अपने रोज़मर्रा के कामों से छुट्टी लेकर आज दोस्तों के साथ घूमने का कार्यक्रम बनाना चाहिए। रोमांचक दिन है, क्योंकि आपके प्रिय का फ़ोन आएगा। । यह ऐसा दिन है जब आप खुद को समय देने की कोशिश करते रहेंगे लेकिन आपको अपने लिए समय नहीं मिल पाएगा। आज आपका वैवाहिक जीवन हँसी-ख़ुशी, प्यार और उल्लास का केन्द्र बन सकता है।

कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज आपकी ऊँची बौद्धिक क्षमताएँ आपको कमियों से लड़ने में सहायता करेंगी। सिर्फ़ सकारात्मक विचारों के ज़रिए इन समस्याओं से निजात पायी जा सकती है। धन से जुड़ा कोई मसला आज हल हो सकता है और आपको धन लाभ हो सकता है। जब आप अकेलापन महसूस करें तो अपने परिवार की मदद लीजिए। यह आपको अवसाद से बचाएगा। साथ ही यह समझदारी भरा फ़ैसला लेने में आपकी मदद करेगा। बेवजह का शक रिश्तों को खराब करने का काम करता है। आपको भी अपने साथी पर शक नहीं करना चाहिए। यदि किसी बात को लेकर आपके मन में उनके प्रति संशय है तो उनके साथ बैठकर हल निकालने की कोशिश करें। अपनी पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाकर आप करिअर में नए दरवाज़े खोल सकते हैं। अपने क्षेत्रे में आपको अपार सफलता मिलने की संभावना भी है। अपनी सभी क्षमताओं को निखारकर औरों से बेहतर बनने की कोशिश करें। आज आपके पास खाली समय होगा और इस समय का उपयोग आप ध्यान योग करने में कर सकते हैं। आपको आज मानसिक शांति का अहसास होगा। अपने जीवनसाथी के साथ के लिए काफ़ी वक़्त मिलेगा, लेकिन सेहत गड़बड़ हो सकती है।

मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज ज़िंदगी का भरपूर लुत्फ़ उठाने के लिए अपनी महत्वाकांक्षाओं को क़ाबू में रखें। योग का सहारा लें, जो आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक तौर पर स्वस्थ रखकर दिल और दिमाग़ को बेहतर बनाता है। अपने पैसे को संचय करने के लिए आज अपने घर के लोगों से आपको बात करने की जरुरत है। उनकी सलाह आपकी आर्थिक स्थिति को सुधारने में मददगार होगी। आज आप जिस सामाजिक कार्यक्रम में जाएंगे, वहाँ आप सबके ध्यान का केन्द्र होंगे। ख़ुशमिज़ाज रहें और प्यार की राह में बाधाओं का सामना करने के लिए तैयार रहें। आज के दिन आपका कठिन परिश्रम फलदायी सिद्ध होगा। रात को ऑफिस से घर आते वक्त आज आपको सावधानी से वाहन चलाना चाहिए, नहीं तो दुर्घटना हो सकती है और कई दिनों के लिए आप बीमार पड़ सकते हैं। आपकी व्यस्त दिनचर्या के चलते आपका जीवनसाथी आपके ऊपर शक़ कर सकता है। लेकिन दिन के अन्त तक वह आपकी बात समझेगा और आपको गले लगाएगा।



अस्वीकरण(Disclaimer)दैनिक पंचांग,धर्म, ज्योतिष वास्तु आदि विषयों पर यहाँ प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं,जो पूर्ण रूप से दायित्व, मुक्त है,अतः संबंधित कोई भी प्रयोग अपने स्वविवेक के साथ करें या किसी संबद्ध विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

home होम live_tv लाइव टीवी
WhatsApp sports_cricket क्रिकेट subscriptions यूट्यूब